

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा (हमीरपुर)।विकास खंड मौदहा की ग्राम पंचायत लदार में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। NMMS ऐप के मस्टर रोल से यह खुलासा हुआ है कि बिना मजदूरों की वास्तविक मौजूदगी के ही 169 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर दी गई।
मस्टर रोल संख्या 9789, 9810 और 9812 में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि “Second Photo is not uploaded”, इसके बावजूद उपस्थिति पूरी दिखाई गई है। नियमों के अनुसार सुबह और शाम दोनों समय फोटो अपलोड करना अनिवार्य है, लेकिन यहां केवल एक ही फोटो अपलोड कर पूरे दिन की हाजिरी पूरी कर दी गई।
यह फर्जी हाजिरी बंधा निर्माण कार्य (RRC से मोक्ष धाम तक एवं गया के खलिहान से माईकासुर बाबा तक) के नाम पर दर्ज की गई। सभी हाजिरी मेट संगीता द्वारा अपलोड की गई है, जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूची में दर्ज 169 मजदूरों की तुलना में मौके की तस्वीरों में केवल गिने-चुने लोग ही दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कार्य स्थल पर मजदूरों की वास्तविक संख्या बेहद कम थी।
मनरेगा के नियमों के अनुसार प्रत्येक कार्यदिवस में दो फोटो (प्रारंभ और समापन) अपलोड करना अनिवार्य है, साथ ही जियो लोकेशन और समय का मिलान भी आवश्यक होता है। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी कर सरकारी धन निकालने का खेल खेला गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सिस्टम में साफ चेतावनी दर्ज है कि दूसरी फोटो अपलोड नहीं हुई, तो फिर भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी कर दी गई। क्या इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत है।
ग्रामीणों में इस मामले को लेकर रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर काम बहुत कम हुआ, लेकिन कागजों में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
